RBI ने घोषित किया SGB 2020-21-शृंखला-VIII समयपूर्व रिडेम्पशन
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) निवेश का एक ऐसा विकल्प है जो न केवल सोने की कीमतों में वृद्धि का लाभ देता है, बल्कि सालाना 2.5% निश्चित ब्याज भी प्रदान करता है। हालाँकि इन बॉन्ड्स की कुल अवधि 8 वर्ष होती है, लेकिन RBI निवेशकों को 5 वर्ष पूरे होने के बाद 'समय-पूर्व रिडेम्पशन' (Premature Redemption) या बाहर निकलने का विकल्प देता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने अपनी 17 नवंबर 2025 की प्रेस रिलीज़ में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21-शृंखला-VIII के लिए प्रीमैच्योर रिडेम्पशन प्राइस की घोषणा की। RBI द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार, इन्वेस्टर इश्यू की तारीख से 5 साल पूरे होने पर SGB को समय से पहले (प्रीमैच्योर रिडेम्पशन) रिडीम कर सकते हैं।
RBI द्वारा दिए गए निर्देश के अनुसार, इन्वेस्टर इश्यू की तारीख से 5 साल पूरे होने पर SGB को समय से पहले (प्रीमैच्योर रिडेम्पशन) रिडीम कर सकते हैं।
RBI ने 2020-21-शृंखला-VIII को प्रीमैच्योर रिडेम्पशन करने के लिए 18-Nov-25 तय की है और समयपूर्व रिडेम्पशन का मूल्य ₹ 12,476/- (बारह हजार चार सौ छिहत्तर भारतीय रुपये) होगा। यह IBJA द्वारा जारी सोने के समापन मूल्यों (closing gold prices) का साधारण औसत है, जो तीन कारोबारी दिनों — यानी 13 नवंबर 2025, 14 नवंबर 2025 और 17 नवंबर 2025 के लिए निर्धारित किया गया है। इस बॉन्ड का इश्यू मूल्य ₹ 5,177/- (पांच हजार एक सौ सतहत्तर भारतीय रुपये) था जिसे 18-Nov-20 को जारी किया गया था।
गणना के अनुसार, वार्षिक रिटर्न (ब्याज को छोड़कर) 19%रहने की उम्मीद है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 शृंखला VIII कीमत
अस्वीकरण: ऊपर दिया गया चार्ट केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। सटीक कीमतों के लिए RBI के सर्कुलर को देखें।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड 2020-21 शृंखला VIII के सभी रिडेम्पशन यहाँ देखें।
रिडेम्पशन की प्रक्रिया (Redemption Process):
5 साल बाद समय पूर्व रिडेम्पशन (Premature Redemption):
यदि बॉन्ड 5 साल पूरे होने के बाद लेकिन 8 साल से पहले पैसा निकालना चाहते हैं, तो प्रक्रिया इस प्रकार है:
- आपको संबंधित बैंक, डाकघर या एजेंट से संपर्क करना होगा जहाँ से आपने बॉन्ड खरीदा था। इसे NSE, BSE पर मौजूदा कीमतों पर बेच सकते हैं।
- यह आवेदन कूपन भुगतान (ब्याज मिलने) की तारीख से कम से कम 10 दिन पहले करना होता है।
- पैसा सीधे आपके बैंक खाते में जमा कर दिया जाता है।
बॉन्ड की मैच्योरिटी (8 साल बाद) पर रिडेम्पशन की प्रक्रिया (Redemption upon Maturity):
8 साल पूरे होने पर, RBI निवेशक को मैच्योरिटी के बारे में सूचित करता है।
- स्वचालित प्रक्रिया: मैच्योरिटी राशि और अंतिम ब्याज सीधे उस बैंक खाते में जमा किया जाता है जो बॉन्ड रिकॉर्ड में अपडेट होता है।
- यदि आपका बैंक खाता बदल गया है, तो आपको मैच्योरिटी से कम से कम एक महीने पहले उसे अपडेट करना होगा।
रिडेम्पशन मूल्य की गणना कैसे की जाती है?
RBI द्वारा समय-पूर्व रिडेम्पशन के लिए जो मूल्य तय किया जाता है, वह पूरी तरह से पारदर्शिता पर आधारित होता है। इसकी गणना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- IBJA डेटा का उपयोग: रिडेम्पशन मूल्य इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन लिमिटेड (IBJA) द्वारा प्रकाशित सोने के क्लोजिंग प्राइस पर आधारित होता है।
- 3 कार्य दिवसों का औसत: रिडेम्पशन की तारीख से ठीक पहले के पिछले 3 कार्य दिवसों के '999' शुद्धता वाले सोने के क्लोजिंग भाव का 'साधारण औसत' (Simple Average) निकाला जाता है।
- कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं: भौतिक सोने के विपरीत, इसमें रिडेम्पशन के समय कोई मेकिंग चार्ज या कटौती नहीं की जाती है। आपको उस समय के बाजार मूल्य का पूरा औसत भाव मिलता है।
सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स का नवीनतम अंक यहाँ देखें
स्रोत: म्हारो रतलाम रिसर्च, RBI, SEBI, NSE, BSE


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